बीजापुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से आज एक बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर 20 से अधिक नक्सली आज आत्मसमर्पण करने जा रहे हैं। आत्मसमर्पण कार्यक्रम आज शाम 4 बजे पुलिस ऑफिसर्स मेस के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित किया जाएगा, जहां वे एसपी और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने हथियार डालेंगे।
सुरक्षा बलों की रणनीति लाई रंग
सूत्रों के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली अलग-अलग संगठनों से जुड़े रहे हैं और लंबे समय से जंगलों में सक्रिय थे। इन पर कई गंभीर वारदातों में शामिल होने का आरोप भी रहा है। हालांकि, अब ये नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला कर चुके हैं। बीते कुछ वर्षों में बीजापुर और आसपास के इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने नक्सल विरोधी अभियानों को तेज किया है। लगातार सर्च ऑपरेशन, कैंपों की स्थापना और इलाके में सुरक्षा की मजबूत मौजूदगी के चलते नक्सलियों पर दबाव बढ़ा है।
सरकार देगी पुनर्वास पैकेज
अधिकारियों का कहना है कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की ओर से तय नियमों के तहत पुनर्वास पैकेज, आर्थिक सहायता, आवास, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें। यह नक्सली संगठनों के मनोबल के लिए बड़ा झटका है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि क्षेत्र में सुरक्षा बलों की रणनीति प्रभावी साबित हो रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पण कार्यक्रम के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
पहले भी हो चुके हैं बड़े सरेंडर
गौरतलब है कि इससे पहले भी बीजापुर और आसपास के जिलों में दर्जनों नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। पिछले महीने ही बीजापुर में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया था। उस दौरान कुल 34 नक्सलियों ने पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों के सामने हथियार डाले थे। आत्मसमर्पण करने वालों में कई इनामी नक्सली भी शामिल थे, जिन पर कुल 84 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सरेंडर करने वाले उस समूह में 7 महिला और 27 पुरुष नक्सली शामिल थे। प्रशासन ने इसे बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापना की दिशा में एक अहम कदम बताया था।




