रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CG Coal Scam (कोयला लेवी घोटाला) में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर अपनी कार्रवाई तेज़ कर दी है। जांच एजेंसी ने मुख्य आरोपी सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उनकी करोड़ों की अचल संपत्तियों को अटैच (Attach) कर लिया है
करोड़ों की अचल संपत्ति पर ED का कब्जा
ED द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के मुताबिक, इस ताजा कार्रवाई में कुल 8 अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया है। इन संपत्तियों में शामिल हैं:
रिहायशी फ्लैट: पॉश इलाकों में स्थित लग्जरी अपार्टमेंट्स।
जमीन के टुकड़े: राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्राइम लोकेशन पर मौजूद प्लॉट।
जब्त संपत्ति की कीमत: अटैच की गई इन संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत करीब 2.66 करोड़ रुपये आंकी गई है।
Coal Levy Scam: अब तक की बड़ी कार्रवाई पर एक नज़र
छत्तीसगढ़ में हुए इस घोटाले की जड़ें काफी गहरी हैं। ED की निरंतर जांच से इस केस में अब तक कई बड़े आंकड़े सामने आए हैं:
विवरण
आंकड़े
कुल गिरफ्तारियां
11 आरोपी अब तक जेल में
कुल चार्जशीट (Prosecution Complaints)
35 आरोपियों के खिलाफ 5 चालान पेश
अब तक कुल कुर्क संपत्ति
₹273 करोड़ से अधिक
PMLA के तहत कड़ी कार्रवाई जारी
प्रवर्तन निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत की जा रही है। जांच एजेंसी का मानना है कि कोयला परिवहन में अवैध वसूली के जरिए यह संपत्ति अर्जित की गई थी।
“जांच अभी थमी नहीं है; आने वाले समय में कुछ और बड़े नामों पर गाज गिर सकती है और नई संपत्तियों का खुलासा हो सकता है।” — ED प्रेस नोट
आगे क्या?
छत्तीसगढ़ में ED Action के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विशेष अदालत में चल रही सुनवाई और ईडी की सघन जांच ने इस घोटाले से जुड़े अन्य संदिग्धों की नींद उड़ा दी है। इस मामले में जल्द ही कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।