OP Choudhary: युवाओं से लेकर महिलाओं के मुद्दे पर रहे हमेशा मुखर, सरकार से पूछे सवाल, तो क्या इस बार रायगढ़ में होगा कमाल?

OP Choudhary

OP Choudhary : ने प्रशासनिक पद पर रहते हुए कई बड़ी जिम्मेदारियों को पूरा किया। उन्होंने देश के सबसे संवेदनशील माने जाने वाले दंतेवाड़ा जिले में रहते हुए शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़े काम किये। राजधानी स्थित प्रयास स्कूल चौधरी की ही देन मानी जाती है

 

OP Choudhary
रायगढ़

 

रायगढ़: OP Choudhary : प्रदेश की सियासत के लिए कोई नया नाम नहीं है। प्रशासनिक जगत को अलविदा कहकर सियासत के गलियों में अपना सफर शुरू करने वाले ओपी चौधरी आज प्रदेश के यूथ के लिए आइकॉन है। खासकर वो जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में जुटे है, अपनों से दूर रहकर सपने बन रहे है। वे OP को हर मौके पर सुनना चाहते हैं, हर जनसभा में उनके साथ सेल्फी लेने की होड़ लगी है। आज राजनीति में उनकी उपलब्धि कुछ खास नहीं है लेकिन प्रदेश की राजधानी रायपुर में सबसे कम उम्र का कलेक्टर नियुक्त होकर उन्होंने अपने प्रशासनिक ताकत का लोहा जरूर मनवाया है। वैसे इस नए सफर से पहले की उनकी उपलब्धि है जो उन्हें नेताओं से अलग बनाता है।

Read More: रायगढ़: विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी चुने जाने के बाद ओपी चौधरी का जनसंपर्क लगातार जारी है।।

OP Choudhary : इस बार रायगढ़ सीट से चुनावी मैदान में है। पिछली बार उन्होंने आईएएस की नौकरी से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थमा था। पार्टी ने उन्हें खरसिया से उमेश पटेल के खिलाफ टिकट दिया था, लेकिन राजनीतिक अनुभव की कमी का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा और उन्हें उमेश पटेल के हाथों करीब 17 हजार वोटों के बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा। हालाँकि इस बार हालत बिलकुल अलग है। ओपी के इस बार अपने गृहजिले से मैदान में है जबकि पांच सालो में उन्होंने राजनीति का ककहरा भी सीख लिया है। उन्होंने अपनी पार्टी के लिए पूरे समर्पित भाव से काम किया तो संगठन में उन्हें महामंत्री का पद भी मिला। राजनितिक गतिविधियों के चलते उन्होंने प्रदेश भर का दौरा किया। इन प्रवासों में जनसम्पर्क करते हुए ओपी ने प्रदेश के सियासत को समझा, मुद्दों को जाना। जाहिर है इसका फायदा उन्हें इस बार के चुनाव में जरूर मिलेगा।

बात करें OP Choudhary : के उपलब्धियों की तो उन्होंने महज 23 साल के उम्र में देश के सबसे कठिन परीक्षा को पास उन्होंने जता दिया कि उनका लक्ष्य बड़ा है। लेकिन शायद नियति को कुछ और ही मंजूर था और उन्हें अपना यह रास्ता छोड़ना पड़ा।

 

OP Choudhary

जब प्रधानमंत्री के हाथों हुए सम्मानित

OP Choudhary : ने प्रशासनिक पद पर रहते हुए कई बड़ी जिम्मेदारियों को पूरा किया। उन्होंने देश के सबसे संवेदनशील माने जाने वाले दंतेवाड़ा जिले में रहते हुए शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़े काम किये। राजधानी स्थित प्रयास स्कूल चौधरी की ही देन मानी जाती है, जहां नक्सल प्रभावित इलाकों के बच्चों को उच्च प्रतियोगी परीक्षाओं की पढ़ाई के साथ ही रहने के लिए भी सुविधाएं दी जाती है। इसी तरह दंतेवाड़ा में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने नक्सल प्रभावित इलाके को एजुकेशन हब में बदल दिया था, जिसके चलते तत्कालीन PM मनमोहन सिंह ने वर्ष 2011-12 में उन्हें प्रधानमंत्री एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया था।

सीएम के साथ रही सियासी उलझने

OP Choudhary : भाजपा के प्रखर प्रवक्ता अहोने के साथ फायरब्रांड नेता के तौर पर भी उभरे है। बीते पांच साल में सगठन में जिम्मेदारी निभाने वाले ओपी चौधरी ने सर्कार से तीखे सवाल पूछे। उन्होंने मीडिया से लेकर अलग अलग मंचो पर सरकार से कई तीखे सवाल किये। उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाये तो सीएम से भी जवाब मांगने में पीछे नहीं रहे।

भाजपा की तरफ से OP Choudhary : सबसे ज्यादा मुखर सरकार द्वारा जारी की गई योजनाओ और उनके लागू होने के तरीको पर रहे। फिर वह बेरोजगारी भत्ते का सवाल हो या फिर युवाओ योजना में कथित अनियमितताओं पर। ओपी चौधरी ने पूरी तरह मुखर होकर पार्टी और देश की बात कही। सरकर और मुख्यमंत्री की गतिविधियों को लेकर ओपी चौधरी कहते है ऐसा कोई सगा नहीं जिसको कांग्रेस ने ठगा नहीं। युवा, महिला, किसान, अल्पसंख्यक, एसटी वर्ग सभी को ठगा गया है। कांग्रेस ने सभी जगह माफिया राज स्थापित कर दिया है। इसके लिए वह आम लोगों से मिलेंगे और भूपेश सरकार को घेरेंगे।

 

पीएससी घोटालों पर पूछे सवाल

OP Choudhary : चुनाव से ठीक पहले उजागर हुए पीएससी घोटाले को लेकर भी सबसे अधिक मुखर नजर आएं थे। उन्होंने इस दौरान राज्य की सरकार को खरी खोटी सुनाते हुए उनकी जमकर घेराबंदी की थी। मीडिया को दिए अपने बयान में ओपी चौधरी ने बताया था कि भाजपा और अन्याय पीड़ित युवाओं ने बार-बार प्रदेश सरकार से इस पर ध्यान आकृष्ट कराया है, लेकिन मुख्यमंत्री बघेल चुप्पी साधे बैठे हैं। पीएससी की गड़बड़ियों को लेकर प्रदेश के पीड़ित युवाओं ने राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तक से शिकायत की। पीड़ित युवाओं के दबाव में मुख्यमंत्री बघेल कार्रवाई की बात तो कह रहे हैं लेकिन इससे पहले ही वे पीएससी घोटाले जिम्मेदारों को क्लीन चिट दे देते हैं। तो ओपी हमेशा युवा मुद्दों पर उनके साथ खड़े होते हैं।

 

युवाओं का मिल रहा भारी जनसमर्थन

 

ओपी चौधरी, जिन्होंने आज ही जूटमिल क्षेत्र का दौरा किया और वहां के युवाओं से मिलकर उनका पूरा समर्थन पाया। इस दौरे के दौरान, ग्रामीण क्षेत्र से भी उन्हें आशीर्वाद मिला।

रायगढ़ से नाम फ़ाइनल होने के बाद से ही OP Choudhary : लगातार जनसम्पर्क कर रहे है। एक तरफ वह अपने विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर रहे है तो दूसरी और शहरी मतदाताओं से भेंटकर उनकी बुनियादी समस्याओं से रूबरू हो रहे है। यही कारण है कि ओपी हमेशा युवा मुद्दों पर उनके साथ खड़े रहते हैं।

OP Choudhary
रायगढ़
OP Choudhary
रायगढ़
OP Choudhary
रायगढ़

दरअसल ओपी चौधरी पहले ही क्षेत्र के युवाओं के लिए कई बड़े ऐलान कर चुके है। उन्होंने रायगढ़ क्षेत्र में युवाओं के शिक्षा के लिए विशेष प्रयास करने की बात कही है। अपने वादों में OP Choudhary  :ने रायगढ़ शिक्षण संस्थानों की शुरुआत करने, ग्रामों युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु संसाधन उपलब्ध कराने, विभिन्न भर्तियों में पारदर्शिता पर जोर देने और गरीब छात्र-छात्राओं के लिए सतत निःशुल् कोचिंग की सुविधा की उपलब्ध कराने की बात शामिल है।

 

ओपी चौधरी

रोजगार पर भी होगा फोकस

 

ओपी चौधरी ने यह भी बताया है कि रायगढ़ एक औद्योगिक हब है। यहाँ के उद्योगों में बड़े संसाधन की आवश्यकता होती है। इसकी आपूर्ति कम्पनिया आउटसोर्सिंग के माध्यम से पूरा करती है। ओपी चौधरी ने कहा कि उनका प्रयास है कि स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार हासिल हो यह प्रयास रहेगा। इसके लिए वह युवाओं को सीधे तौर पर केंद्रीय योजनाओं से जोड़ेंगे। इसके तहत मिलने वाली सुविधाएँ भी सुनिश्चित करेंगे।

इस तरह देखा जाएँ तो रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र में भी मतदाता ओपी चौधरी जैसे उम्मीदवार को लेकर काफी आशान्वित है। उच्च शिक्षित प्र्तयशी के रूप में उन्हें भी लगने लगा है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पानी और अन्य मूलभूत समस्याओं से जल्द ही छुटकारा मिल सकेगा।

 

 

Facebook
X
LinkedIn
WhatsApp

यह भी पढ़ें।

Following

मेरा शहर