चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: बंगाल समेत 5 राज्यों में मतदाता सूची सुधार (SIR) की बढ़ी तारीख, अब इस दिन तक कर सकेंगे आवेदन

नई दिल्ली, 16 जनवरी। चुनाव आयोग ने गुरुवार रात बड़ा फैसला लेते हुए मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) की समय-सीमा बढ़ा दी है। पश्चिम बंगाल, गोवा, लक्षद्वीप, राजस्थान और पुडुचेरी में SIR की प्रक्रिया अब 19 जनवरी तक चलेगी। इस फैसले से मतदाता विवरण में सुधार और छूटे नाम जोड़ने को और समय मिलेगा।

दावे और आपत्तियां अब 19 जनवरी तक

निर्वाचन आयोग के ऐलान के मुताबिक, अब दावों और आपत्तियों को दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाकर 19 जनवरी, 2026 हो गई है। आयोग ने बताया कि यह फैसला गुरुवार को अधिसूचित किया गया और प्रभावित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के अनुरोधों के बाद लिया गया है।

पात्र मतदाताओं की भागीदारी पर जोर

चुनाव आयोग ने कहा, ‘विशेष गहन संशोधन (SIR) के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि 19 जनवरी, 2026 तक बढ़ा दी गई है,’ जिसमें पात्र मतदाताओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता का हवाला दिया गया है। इस अधिसूचना में आयोग के 27 दिसंबर, 2025 के पुराने पत्र का संदर्भ दिया गया है, जिसमें कार्यक्रम निर्धारित किया गया था और 1 जनवरी, 2026 को पात्रता तिथि के रूप में बताया गया था।

2026 विधानसभा चुनाव की तैयारी

यह विस्तार विशेष रूप से दावों और आपत्तियों की समय सीमा पर लागू होता है, जिससे मतदाताओं को अपने विवरणों को सत्यापित करने, आवश्यक घोषणाओं के साथ फॉर्म 6 के माध्यम से शामिल होने का अनुरोध करने या गलतियों पर आपत्ति उठाने के लिए अतिरिक्त समय मिलता है। यह प्रक्रिया 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूचियों को अपडेट करने के राष्ट्रव्यापी प्रयास का हिस्सा है, विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी जैसे राज्यों में। इस संशोधन का उद्देश्य सभी पात्र नागरिकों को शामिल करना और प्रवासन, मृत्यु, डुप्लीकेशन या अन्य त्रुटियों के कारण अपात्र लोगों को हटाना है।

Sir https://www.newsonair.gov.in/west-bengal-draft-voters-list-published-under-sir-2026/?hl=en-US

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