धान खरीदी नहीं बल्कि इस वजह किसान ने की थी आत्महत्या की कोशिश, प्रशासन की जांच रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

धान खरीदी नहीं बल्कि इस वजह किसान ने की थी आत्महत्या की कोशिश, प्रशासन की जांच रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

कोरबाः  छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में किसान द्वारा आत्महत्या की कोशिश के मामले में प्रशासनिक जांच के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि किसान द्वारा आत्महत्या का प्रयास धान खरीदी नहीं होने के कारण नहीं किया गया था। प्रशासन ने इस संबंध में विस्तृत जांच रिपोर्ट सामने रखी है।

गौरतलब है कि एक दिन पहले कोरबा जिले के रहने वाले किसान सुमेर सिंह की पत्नी ने दावा किया था कि धान बिक्री नहीं होने से परेशान होकर उनके पति ने आत्महत्या की कोशिश की थी। इस बयान के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था और प्रशासन पर सवाल उठने लगे थे। इसके बाद प्रशासन ने मामले की जांच के लिए जांच टीम गठित की थी। तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारियों की संयुक्त टीम ने मामले की जांच की। ⁠

जांच के दौरान पाया गया कि संबंधित किसान सुमेर सिंह की पंजीकृत भूमि पर इस सीजन में धान की फसल ही नहीं रोपी गई थी। ऐसे में धान बिक्री नहीं होने का दावा तथ्यहीन पाया गया। हालांकि प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया है कि किसान की तबीयत जहर सेवन से नहीं, बल्कि अत्यधिक शराब सेवन के कारण बिगड़ी थी। प्राथमिक चिकित्सा जांच में जहर सेवन की पुष्टि नहीं हुई है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या धान खरीदी में अनियमितता नहीं पाई गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

महासमुंद से भी सामने आया था ऐसा ही मामला

बता दें कि कुछ दिन पहले महासमुंद जिले से ऐसा ही मामला सामने आया था। किसान ने ब्लेड से खुद का गला काट लिया। किसान की सांस नली कट गई थी। बताया जा रहा है कि पिछले 3 दिनों से धान बेचने के लिए परेशान था। टोकन नहीं मिला तो हताश होकर गला काट लिया। मामला बागबाहरा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक किसान का नाम मनबोध गांड़ा (65) है, जो सेनभाठा गांव का रहने वाला है। गंभीर हालत में बागबाहरा अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन वहां से महासमुंद मेडिकल कॉलेज भेजा गया। हालत गंभीर होने की वजह से रायपुर रेफर किया गया था।

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