Janmashtami 2024: सोने-चांदी के तार से बनी द्वारकाधीश जी की पोशाक, 20 कारीगरों ने बनाए हार और मुकुट

Janmashtami 2024: सोने-चांदी के तार से बनी द्वारकाधीश जी की पोशाक, 20 कारीगरों ने बनाए हार और मुकुट

Krishna Janmashtami 2024 देश-दुनिया में जगत के नाथ भगवान श्री कृष्ण का जन्म हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। द्वारका में भी ठाकुर जी के दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ी हुई है। वहीं इस अवसर पर द्वारकाधीश को चढ़ाने के लिए एक शुद्ध सोने का हार और एक कुलेर मुकुट भी बनाया गया है।

  1. 22 कैरेट सोने का हार पूरी तरह से हस्तकला और जडतकाम से तैयार हुआ है
  2. जयपुर और गुजरात के कारीगरों ने तैयार किया है मुकुट

किशन प्रजापति, द्वारका। Krishna Janmashtami 2024 आज पूरी दुनिया में नाथ भगवान श्रीकृष्ण का जन्म बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। द्वारका में ठाकुर जी के दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ी हुई है, तो आइए इस जन्माष्टमी पर भगवान द्वारकाधीश जी को चढ़ाए गए वाघा (कपड़े) और सोने के मुकुट और हार की खास बातें बताते हैं। द्वारकाधीश मंदिर के  पुजारी निधिभाई ठाकर ने गुजराती जागरण को यह जानकारी दी है।

बेंगलुरु से आया है केसरिया वाघा

 Krishna Janmashtami 2024

Krishna Janmashtami 2024: द्वारकाधीश मंदिर के नियमों के अनुसार, जन्माष्टमी पर ठाकुर जी के दो वाघा बनाए जाते हैं, जिनमें से एक सुबह पहनाया जाता है और दूसरा रात को जब जन्म उत्सव होता है तब पहनाया जाता है। इस बार द्वारकाधीश के केसरिया वाघा के लिए शुद्ध रेशमी कपड़ा बेंगलुरु से मंगवाया गया है।

40 से 45 कारीगर तैयार करते हैं वाघा

Krishna Janmashtami 2024: ठाकुर जी के एक वाघा पर 20 से 22 कारीगर काम करते हैं, इस प्रकार ठाकुर जी के दोनों वाघा को 40 से 45 कारीगरों द्वारा तैयार किया जाता है। ये दोनों वाघा सोने-चांदी के तार के साथ-साथ जरदोशी और रेशम की हस्तकला से बने हैं जिसे जरी आर्ची वर्क कहा जाता है। दोनों वाघों पर मोर, कमल, फूल और बेल जैसे पारंपरिक डिजाइन हैं। दोनों वाघा द्वारका में ही सिले गए हैं। द्वारकाधीश जी के ये दोनों वाघे दो से चार महीने की कड़ी मेहनत के बाद तैयार हुए हैं।

कोलकाता के 20 कारीगरों ने किया तैयार

Krishna Janmashtami 2024 इस बार ठाकुर जी के आभूषण भी नियमानुसार बनवाए गए हैं, जिसमें एक शुद्ध सोने का हार और एक कुलेर मुकुट भी बनाया गया है। इन आभूषणों को कोलकाता के 20 कारीगरों ने तीन महीने की कड़ी मेहनत के बाद तैयार किया है। जन्माष्टमी के अवसर पर सोने का कुल्लर मुकुट और हार बनाया गया है। कुलेर मुकुट और हार का काम बंगाल और गुजरात में किया गया है।

22 कैरेट सोने से बना है मुकुट

 Krishna Janmashtami 2024 : वहीं, 22 कैरेट सोने का हार पूरी तरह से हस्तकला और जडतकाम से तैयार हुआ है। लाल, हरे और सफेद जैसे उच्च श्रेणी के पत्थरों का उपयोग किया गया है। मुकुट 22 कैरेट सोने से बना है। जयपुर और गुजरात के कारीगरों ने मुकुट तैयार किया है। टियारा पर मोर और फूलों का डिजाइन है तो मुकुट में पन्ना, माणिक और पुखराज जैसे असली पत्थर लगे होते हैं और मुकुट तीन भागों में बना होता है।

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